अपनी कुंडली में गज केसरी योग ,लक्ष्मी योग , का निर्माण स्वयं करे

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आप अपनी कुंडली में गज केसरी योग ,लक्ष्मी योग , का निर्माण स्वयं कर सकते है ,,,,,,,,,,,

यह आर्टिकल उन लोगो के लिए है
1 जो प्रकृति में मनुष्य द्वारा पैदा की गई जटिलताओं को सुलझाने में अपना योगदान देना चाहते है दिल से , सिर्फ ऊपर ऊपर से नहीं।
2 जिनको ज्योतिष में रूचि है।
3 जो समाज में अपना योगदान देना चाहते है।

जिनके साथ ऐसा नहीं है वो इसे पढ़ कर अपना कीमती समय व्यर्थ न करे।

अगर आपकी कुंडली में गजकेसरी योग नहीं है। लक्ष्मी योग नहीं है ,तो यह सादारण सा कार्य कर के इन योगो का निर्माण स्वम कर सकते है।

गारंटीड 100%
रुके हुए काम ,बिगड़े हुए काम,उलझे हुए काम ,न बनते काम ,बनने की ,सुधरने,की राह पर एक दिन में आ जायेंगे, 24 घंटे में पोस्टिव सिग्नल मिल जाएगा,,हाँ, पूरी तरह से बनने में हो सकता है थोड़ा सा समय लग जाये,पर काम बनेगा जरूर ,बशर्ते,provided, काम कोई गलत नियत वाला नही होना चाहिए,
ओर इसकी फीस है 00000 rs
आपकी इंवेज़तमेंट, 10 से 50 पैसे,
समय की इंवेज़तमेंट 5 से 60 मिनट,
बाकी श्रद्धा,नियत, इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितनी जल्दी चाहते हो काम हो ,
तो कितने लोग मन से तयार हो इस उपाय को करने के लिए।
Purely Religion इन the लाइट ऑफ साइंस,
one day i was pondering over that what i can do for my mother nature before i leave this earth,suddenly an idea fleshed in my mind ,I blended it with astro and religion ,I was taken aback when I calculated the pleasant results of the work ,
I thought it ,i did it ,and did not expect any fruit,
but when I did it ,I got the unexpected sweet fruit,
Then I decided to tell every body for the betterment of the humanity .

Mene to ese hi kuch soch kr kiya ,muje jo फल मिला,में बता नही सकता ,
नो तन्त्र मन्त्र
शुद्ध रूप से वैज्ञानिक सोच का धर्म मे मिश्रण,
कोंन कोन तयार है ,हां करने के बाद पीछे नही हटना ,ये पहले गीता को हाथ मे लेकर खुद से प्रण कर लेना ,

ReplyForward

कोई बात नहीं एक काम है जिसे करने से आप अपनी कुंडली में गज केसरी योग का निर्माण कर सकते हैं जो दिखाई तो नहीं देगा परंतु उसका फल आपको तुरंत मिलना शुरू हो जायेगा और निरंतर मिलता ही चला जाएगा और वह सिर्फ फल आपको ही नहीं मिलेगा वह आप की पीढ़ियों तक को मिलता चला जाएगा।

प्रकृति को अपनी पीढ़ियों के लिए बचाने में अपना योगदान दे सकते है।

आजकल शहरों में एक प्रचलन चल गया है कि पेड़ के जड़ो के पास के स्थान की कवरिंग कर दी जाती है जिससे कि पेड़ों की जड़ों तक पानी जा ही नहीं पाता है।
ऐसी स्थिति आपको सैकड़ों नहीं हजारों नहीं लाखों जगहों पर देखने को मिल जाएगी।
मंदिरों में , मुहल्लों में राह चलते हुए कहीं भी आपको ऐसी स्थिति देखने को मिल जाएगी।

सरकार को , एमसीडी , डीडीए को इन लोगों को इस बात की कोई परवाह नहीं है कि क्या हो रहा है और क्या नहीं इसका क्या बेड इफेक्ट बाद में जाकर आने वाली पीढ़ियों को झेलने पड़ेगे।
उन्हें तो सिर्फ इस बात की पड़ी होती है की टेंडर निकालो टेंडर पूरा करो सड़कें पक्की कर दो सड़कों की साइड पक्की कर दो जो भी खाली जगह बची है सारी पक्की कर दो।

नोएडा में एक आदमी ने हिम्मत दिखाई और उसने सुप्रीम कोर्ट में एक पीआईएल लगाई , एक याचिका लगाई सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि वहां के पेड़ों के आसपास की जगहों को एक 1 फुट तक खाली किया जाए जिससे की बरसात का पानी उसके अंदर जा सके

जिन पेड़ों को उचित मात्रा में पानी नहीं मिलता है उनकी जो छाल होती है वह सूख कर गिरनी शुरू हो जाती है।
इस बात को आप यु कह सकते है की पेड़ बहुत बड़ी परेशानी दुःख से गुजर रहा होता है ,बस वो अपनी परेशानी दुःख किसी से कह नहीं सकता।

अब आपको करना क्या है आपको जहां कहीं भी ऐसी स्थिति दिखाई दे आप वहां अपनी पूरी कोशिशें लगा दीजिए , कि उस पेड़ के पास इस तरीके से जगह बना दी जाए की अगर लोग उसमें पानी डालें तो उसकी जड़ों में जाए अगर बरसात हो तो बरसात का सारा पानी उसके अंदर जाए ,जमीन के अंदर उस रास्ते से जाएं
आपका यह कर्म , आपकी यह इन्वेस्टमेंट आपको जब रिटर्न देनी शुरू करेगी तो आप सोच भी नहीं सकते कि आप को कितना फायदा कितना लाभ होगा यह आपकी एक ऐसी इन्वेस्टमेंट होगी जो आप ने कर दी और और अब इसका लाभ पीढ़ी दर पीढ़ी मिलता चला जाएगा।
उनके लिए अपनी प्रकृति के लिए जो अनमोल कार्य करेंगे उसका तो कुछ कहा ही नहीं जा सकता

एक पार्क में एक बरगद का पेड़ गिर गया लेकिन अभी वह इस स्थिति में था कि अगर उसे खड़ा कर दिया जाए तो वह बचा रह सकता था
इसके लिए हमने पार्क के माली को बोला
वाली अपने साथ दो-तीन वाली और लेकर आया और उसने क्या किया उस पेड़ की सारी पत्नियां काट दी कहता है कि पेड़ बहुत भारी ,है खड़ा करने में दिक्कत होगी।

अगले दिन सुबह जब हम उठे तो हमने क्या देखा कि वह पेड़ व् हां पर है ही नहीं है माली व उसके साथियों ने मिलकर क्या किया उसको काट कर ले गए।
इन लोगों की आदत बन गई है यह पेड़ों को बचाना नहीं चाहते इन्हें तो बस पता लगना चाहिए कि कहीं से लकड़ी मिल सकती है यह तुरंत आएंगे और उठाकर उस पेड़ को काट कर ले जाएंगे और वहीं आप इन्हे कोई और काम बोलिए तो 8 ,10 ,15 , 20 दिन महीने तक सुनवाई नहीं होगी।
सर्दियों में यह आते हैं पेड़ों की छंटाई के नाम पर पेड़ पूरा का पूरा ही काट कर चले जाते हैं क्योंकि इनका उद्देश्य यह है ही नहीं है क्या में पेड़ों को बचाना है इनके दिमाग में तो सिर्फ यह चल रहा होता कि किस तरीके से उसकी लकड़ी काटी जाए और तुरंत बेच दी जाए।

सजग है तो आप इन को ऐसा नहीं करने देंगे
आज के बाद आप ध्यान रखी आपको जहां कहीं भी दिखाई देगी किसी पेड़ के पास जगह बनाई जा सकती है जहां से एक ही पानी जमीन के अंदर जा सकता है चाहे वह इंसान डाले या फिर बरसात का पानी हो जा किसी भी प्रकार का और पानी हो
तो आप यकीन मानिए यह जो आप मंगल चंद्र का मेल करवाएंगे
तो आपके कर्मों के द्वारा जो आपकी कुंडली में गजकेसरी योग का निर्माण हो जाएगा जिसका फल आपको उस योग से ज्यादा मिलेगा जो जिसकी कुंडली में होता है लेकिन उसकी स्थिति के भाव के कारण से उतना लाभ नहीं मिल पाता
इन्वेस्टमेंट्स करनी शुरू कर दी तो आप यकीन मानो ऐसा आशातीत लाभ प्राप्त होना शुरू हो जाएगा कि आपको तो चकित रह जाएंगे ऐसा क्या किया है मैंने जिसकी वजह से मुझे ऐसे लाभ मिलने शुरू हो गए हैं
आप
प्रकृति के प्रति एक कदम उठाइए आप देखिएगा
कैसे सॉरी प्रकृति
उन परिस्थितियों को सुलझाना शुरू कर देती है जिन को सुलझाने के लिए पता नहीं कब से प्रयत्न कर रहे थे

जितने भी पीपल मंदिरों में लगे हैं
अधिकतर स्थानों पर उन्हें इस तरह से सीमेंटेड कर दिया गया है कि पानी उनकी जड़ों तक तो जाता ही नहीं है बस पेड़ के तने पर पड़ता रहता है और वहीं पर फफूंद जम जाती है ,
लॉग आंखें बंद करके बस पानी चढ़ाई जा रहे हैं कि आज शनिवार है आज जल चढ़ाना है सोमवार है जल चढ़ाना है
मैंने एक-दो स्थानों पर कोशिश की कि मैं उसके आसपास की जगह को खाली करवा सकूं
कंही पर मैं सफल हुआ लेकिन कंही पर मैं सफल नहीं हो पाया
पर मैं प्रयत्न करना छोडूंगा नहीं
मैं उम्मीद करता हूं कि आप भी खूब प्रयत्न करेंगे और मेरी इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करेंगे ताकि लोगों में जागृति आ सके
हमारी सोई हुई सरकार एमसीडी डीडीए भी जागृत हो और इस कार्य को करें क्योंकि यह कार्य उनका ही है उन्होंने ही यह गलत कार्य किया है कि हर खाली जगह को सीमेंटेड कर दिया है।

 

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